आखिर कैसे बनाते है सऊदी में लोग संबंध ? कहानी है बहुत दिलचस्प. आइये जानिए

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सऊदी अरब मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र देश. यहां काबा के दीदार के लिए दुनिया भर के मुसलमान लाखों की तादाद मेंं आते हैं, जिसे हम हज के नाम से जानते हैं. हर मुसलमान के लिए एक बार हज करना फर्ज है. हज यात्रियों की वजह से सऊदी हुकूमत के खजाने में हर साल अरबों डॉलर आते हैं.
1. शाही घराना और शाही हुकूमत
सऊदी अरब में शाही घराने का शासन चलता है. सऊदी की आय का सबसे बड़ा स्त्रोत तेल और हज पर्यटन है. दोनों से होने वाली आय शाही खजाने में जमा होती है. यहां का शासन इस्लामी शरीयत के हिसाब से हीं चलता है.

यहां महिलाओं को यौन संबंधों के मामले में मजहबी रिवायतों के हिसाब से ज्यादा आजादी तो नहीं दी गई है लेकिन वहां भी अवैध और वैध यौन संबंधों की कहानियां समय समय पर लोगों के सामने आती रहीं है.

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2. शाही घराने की सेक्स कहानियां
सऊदी घराने के नवाबजादों की सेक्स कहानियों के किस्से भी भारत की तरह हीं उनके देशों में भी मिर्च मसाले लगा कर सुनाए जाते हैं और लोग भी चटखारे ले लेकर इन कहानियों को सुनते और फिर दूसरों से सुनाते हैं.

डेली बीस्ट की एक खबर के अनुसार 28 वर्षीय प्रिंस माजिद अब्दुल अजीज अल सऊद को दुबई के बेवरली हिल्स के एक होटल में एक साथ पांच महिलाओं के साथ यौन संबंध बनाते हुए देखा गया था. पुलिस इस मामले के सामने आने के बाद जांच में जुटी हुई है तो वहीं उनके पहले भी शाही परिवार के पुरुष और महिला सदस्यों की रंगीन मिजाजी की कई कहानियां सार्वजनिक हो चुकी है.

3. महिलाएं एक्सपर्ट हैं दूसरे मर्दों के साथ यौन संबंधों में
सऊदी के कानून के मुताबिक गैर मर्दों के साथ जिस्मानी संबंध बनाना गैर कानूनी है लेकिन इसकी परवाह करता कौन है. जब जिस्म की आग दिमाग पर चढ़ती है कुछ भी कानूनी, गैर कानूनी नहीं समझ आता. उस वक्त सिर्फ ये परवाह होती है कि ये आग बुझेगी कैसे !

4. पूरी तरह से गुप्त संबंध
वैसे तो दुनिया का कोई ऐसा मुल्क नहीं है जहां गैर मर्दों के साथ औरते अपने जिस्म की प्यास नहीं बुझाती होंगी लेकिन सउदी में नजारा दूसरे मुल्कों से थोड़ा अलग होता है. यहां इस तरह के अवैध संबंध पूरी तरह से गुप्त होते हैं.

महिलाएं भी यहां नकाब में होती है. सार्वजनिक तौर पर यहां किसी पार्क या होटल में मिलने से लोग परहेज करते हैं और जब बारी आती है एक दूसरे में समा जाने की तो यह पूरी तरह से बंद कमरे में होता है इसलिए शक की गुंजाईश नहीं रह जाती है.
5. ऐसे होती है दोस्ती
इस साइबर युग में आम तौर पर सोशल मीडिया के अलग अलग माध्यमों से दो विपरीत लिंग के लोगों के बीच दोस्ती की शुरुआत हो रही है. सऊदी में भी पाथ, हूजहेअर, ट्वीटर जैसे सोशल मीडिया एप्प से एक दूसरे के करीब आने की शुरुआत होती है.

वैसे तो लोग पार्टी फंक्शन में भी एक दूसरे से मिलते हैं लेकिन वहां बहुत ज्यादा बात होने की गुंजाईश नहीं बचती है. ऐसे में चुपके से एक दूसरे से मोबाइल नंबर्स का आदान प्रदान कर लिया जाता है.

लेकिन ऐसी नौबत तभी आती है जब दोनों में से कोई एक दूसरे के प्रति आकर्षण दिखा रहा हो और दूसरा भी आकषर्ण महसूस कर रहा हो.
6. हफ्ते में तो एक बार जरुर बनाते हैं संबंध
सऊदी अरब की एक महिला पत्रकार ने वहां की महिलाओं से सेक्स से जुड़े मुद्दों पर बात की तो उन्होंने अपने अनुभव एक दूसरे के साथ शेयर किए. इस बातचीत में जो खुलासे हुए वो चौंकाने वाले थें.

अधिकांश सऊदी की लड़कियां अपने दोस्तों के साथ हफ्ते में एक बार जिस्मानी संबंध जरुर बनाती हैं और कई तो मौका मिलते हीं हफ्ते में दो दो बार अपने दोस्त के साथ सेक्स करती हैं. उनकी नजर में सेक्स कोई अपराध नहीं बल्कि कुदरत का दिया हुआ अनमोल तोहफा है. इसका भरपूर लुत्फ उठाना चाहिए.

7. सउदी में वर्जिनिटी
इस मुल्क में लड़कियों को अपनी वर्जिनिटी का खास ख्याल रखना होता है. शादी के बाद उन्हें वर्जिनिटी के इम्तिहान से गुजरना पड़ता है ताकी वो अपने शौहर को खुश रख सकें. यहां ऐसी कम हीं लड़कियां मिलती है जो शादीशुदा नहीं हो और वर्जिन न हो

शादी से पहले वो ओरल सेक्स का हीं आनंद लेती हैं. शादी होने के बाद वो शौहर के साथ संबंध बनाती हैं और फिर वर्जिनिटी खत्म हो जाती है. यह एक तरह से लाइसेंस भी हो जाता है गैर मर्दों के साथ जिस्मानी संबंध बनाने का.


8. सुरक्षित जगहों पर बनते हैं ऐसे रिश्ते
सऊदी हो या कोई दूसरा मुल्क. जिस्मानी रिश्ते कायम करने के लिए एकांत और सुरक्षित जगह भी मुफीद होती है. यहां के होटलों में कमरा लेने के लिए मर्दों को सउदी सरकार की ओर से एक कार्ड मुहैया कराई जाती है जिसमें पत्नी का नाम लिखा होता है पर तस्वीर नहीं होती. ऐसे जोड़े इनका खूब फायदा उठाते हैं और फिर एक दूसरे के साथ रुमानी एहसासों में खो जाते हैं.

सोर्स:- viralinindia.net

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